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Letter to Maxbupa Health Insurance Team, for rejecting Claim, Bad Customer care Service: कस्टमर को परेशान करने, मेडिकल टर्म को इन्टेंशनली गलत इन्टरप्रेट करने, सही कस्टमर सर्विस न देने और अपने टर्म्स/ कंडीशन से पीछे हटने के सन्दर्भ में !

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प्रिय मैक्सबुपा हेल्थ इन्शुरन्स टीम,


पिछले तीन साल से सही समय पर पालिसी प्रीमियम भरने के बावजूद आपकी कंपनी ने मेरी कैशलेश पालिसी होने के बावजूद आखिरी समय धोखा दे दिया. आप अपने नियमों / टर्म्स, कंडीशन के बावजूद पूरी तरह से पीछे हट गए, जो आपके प्रोफेशनल रवैये पर सवाल खड़ा करता है. सीधे पॉइंट पर आते हैं तो कस्टमर आईडी: 0000280615 द्वारा प्री-ओथ आईडी: 118298 जनरेट की गयी, जिसे आपके द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया और कारण बताया गया कंजंटियल एनॉमली (Congential Anomalies) .... जबकि मरीज (न्यू बोर्न बेबी) के बारे में मेडिकली आपने लिखा है कंजंटियल निमोनिया (Congential Pneumonia)! हॉस्पिटल से डॉक्टर्स ने इसके बाद आपको क्लेरिफिकेशन भी लिखा कि दोनों टर्म बिलकुल अलग हैं. एनॉमली (Anomaly) की मीनिंग सीधे-सीधे शारीरिक डिफेक्ट से है, जैसे मरीज की छः अंगुलियां हों, या फिर उसका लंग डेवेलप न हुआ हो, कान न बना हो इत्यादि ... किन्तु, यहाँ मामला डिफेक्ट के नहीं है, बल्कि इन्फेक्शन के है. आप अपने टर्म्स कंडीशन के अनुसार डिफेक्ट कवर नहीं करते हो, किन्तु इन्फेक्शन कवर करते हो .... जहाँ तक बात है निमोनिया के साथ कंजंटियल शब्द इस्तेमाल होने की तो, इसे गलत इन्टरप्रेट करने के लिए आप की कंपनी और मेडिकल टीम पर भारी हर्जाना लगा सकती है आईआरडीए (Example of Don't care attitude, Hindi Articles, Essay). 

पूरा मामला विस्तृत ढंग से समझने के लिए हर एक भारतीय को इस लेख/ पत्र को इस लिंक पर अवश्य पढ़ना चाहिए ... क्लिक करें !! >> सामाजिक सुरक्षा और भारत में इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरेंस सेक्टर ...

Health Insurance, Saving for a brighter tomorrow, is this slogan right or there are cheating menatlity of Health Insurance companies like Max Bupa health Insurance
आज मेरे पास कैश नहीं है और कोई सुविधा न होने के कारण मेरे मन में आत्महत्या के विचार आ रहा है और आपकी लापरवाही से ऐसा कई मरीजों और आपकी हेल्थ पालिसी धारकों के साथ होता ही होगा... मैं देखता हूँ अगर मुझे कोई 100 या 200 % व्याज पर भी पैसे दे तो मैं अपने न्यू-बोर्न बेबी को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करा कर ले आऊं, किन्तु आप की कंपनी ने जो टालमटोल रवैया अपनाया है, उसके लिए सरकार और आईआरडीए से मैं दरख्वास्त करूंगा कि आपकी कंपनी के लाइसेंस ही रद्द (Why IRDA issuing licence to poor customer rating companies, Real customers, real victim, Fight for justice) किया जाए. इसके लिए आपकी कस्टमर केयर टीम ने निम्न गलतियां और अनदेखापन किया है:

  1. >> सीधे-सीधे हमारी रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दी गयी और उसमें मात्र दो-चार लाइन लिखकर अपनी पालिसी के हवाला दे दिया आपने, जबकि इस मामले में आपको पूरी डेफिनिशन और मेडिकल प्रूफ देना चाहिए था.
  2. >> जब हमारे डॉक्टर्स ने बाकायदा आपको री-कॉन्सीडरेशन लेटर भेजा और बताया कि कंजंटियल निमोनिया और कंजंटियल एनॉमली अलग-अलग चीजें हैं, उसके बावजूद आपने पुराना कैंसलेशन कारण हॉस्पिटल की मेल आईडी पर दोहरा दिया, जबकि आपको यहाँ तो कारण स्पष्ट करना ही चाहिए था.
  3. >> जब आपका कस्टमर, आपके टोल फ्री नंबर पर सीनियर या डॉक्टर-टीम से इसका कारण पूछ रहा था तो लगभग 45 मिनट बात करने के बावजूद उसे टाल दिया गया और कहा गया कि सीनियर द्वारा कॉल बैक होगी, जबकि ऐसा नहीं हुआ.
  4. >> मेरी न्यू-बोर्न बेबी हॉस्पिटल में है, किन्तु इतनी एमरजेंसी होने के बावजूद आपकी तरफ से न कोई जांचने, न मामले को समझने के लिए हॉस्पिटल आया, न किसी ने कस्टमर या बच्ची के इलाज कर रहे डॉक्टर से बात करने की जरूरत समझी. बस एकतरफा आपने डिसीजन सुना दिया कि बच्चे को कंजंटियल एनॉमली है. यह पूरी तरह गलत है और इसके लिए आप की कंपनी पर कार्रवाई की गुजारिश सम्बंधित अथॉरिटी से करूंगा.
  5. >> जब कस्टमर, मिथिलेश कुमार सिंह ने आईआरडीए के टोल फ्री न. पर संपर्क किया तो वहां से किसी ROHIT KOHLI >> 011 30902000, 6255 जी के न. और एक्सटेंशन मिला किन्तु इस न. पर कई-कई बार कॉल करने के बावजूद फोन उठाया नहीं गया.
  6. >> मजबूरन मुझे, यानी आपके कस्टमर को आईआरडीए में कम्प्लेन दर्ज करानी पड़ी, जिसका टोकन न. शायद आपके पास भी पहुँच चूका होगा. यह टोकन न. है: 10-16-002364
  7. >> आपकी पालिसी के जो क्लॉज (4 a (VI)) बताया गया है रिजेक्शन के रीजन, उसका स्क्रीन-शॉट आपको भेज रहा हूँ, उसमें कहीं भी कंजंटियल निमोनिया नहीं लिखा है और मेडिकल साइंस में, जहाँ तक मुझे जानकारी दी गयी कि कोई जरूरी नहीं है कि कंजंटियल निमोनिया को कंजंटियल एनॉमली मान लिया जाना चाहिए. 

पूरा मामला विस्तृत ढंग से समझने के लिए हर एक भारतीय को इस लेख/ पत्र को इस लिंक पर अवश्य पढ़ना चाहिए ... क्लिक करें !! >> सामाजिक सुरक्षा और भारत में इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरेंस सेक्टर ...
Letter to Maxbupa Health Insurance Team, for rejecting Claim, Bad Customer care Service, GMAIL SCREEN-SHOT

संभव है, मैं कहीं से उधर मांग कर, भीख मांग कर, ब्याज पर लेकर यह पैसा जमा कर दूं, किन्तु आपकी होल-शोल लापरवाही के लिए इस बात के लिए फाइट करूंगा कि आपकी कंपनी के लाइसेंस रद्द किया जाए. क्योंकि आपके गलत इंटरप्रिटेशन, गलत कस्टमर केयर सर्विस और टालमटोल के रवैये से ग्राहक 'आत्महत्या' तक कर सकते हैं, तो ऐसे में आप जैसी इन्शुरन्स कंपनी न ही रहे तो भारतीय नागरिकों के हित होगा. सुबह से आपसे अपने हक़ के लिए लड़ने वाले कस्टमर के साथ जब आप यह सब कर सकते हैं तो साधारण कस्टमर के साथ आप क्या नहीं करते होंगे? शायद मैं कॉर्पोरेट-क्लायंट होता तो आप ज्यादा तवज्जो देते, क्योंकि उस पर्टिक्युलर कंपनी से आपके सैकड़ों कस्टमर जुड़े होते हैं, किन्तु पर्सनल इन्शुरन्स को आप इतने हलके में लेंगे, यह बेहद दुखदायी बात है. आपके अमानवीय रवैये (They are not caring their customers) के लिए आपको धन्यवाद देते हैं और उम्मीद करते हैं कि मामले को दो-चार लाइन में निपटा देने की बजाय, आप इसे गंभीरता से लेंगे और भारतीय कानून से डरते हुए मानहानि से बचना चाहेंगे!

धन्यवाद. 
निवेदनकर्ता:
विंध्यवासिनी सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह (कस्टमर आईडी: 0000280615 ), Policy No.: 30254705201502 
Letter to Maxbupa Health Insurance Team, for rejecting Claim, Bad Customer care Service

पूरा मामला विस्तृत ढंग से समझने के लिए हर एक भारतीय को इस लेख/ पत्र को इस लिंक पर अवश्य पढ़ना चाहिए ... क्लिक करें !! >> सामाजिक सुरक्षा और भारत में इन्शुरन्स, हेल्थ इन्शुरेंस सेक्टर ...

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